-->

coronavirus status

खुदकुशी की थ्योरी से शुरू हुआ मामला अब फिर वहीं पहुंचा, लेकिन एक अभिनेता की मौत बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई

खुदकुशी की थ्योरी से शुरू हुआ मामला अब फिर वहीं पहुंचा, लेकिन एक अभिनेता की मौत बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को ढाई महीना हो गया है। मामला 360 डिग्री घूमकर खुदकुशी की थ्योरी पर ही लौट आया है। इस दौरान मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा और दो राज्यों की पुलिस और सरकारें आमने-सामने आ गईं। तीन केंद्रीय जांच एजेंसियों (ईडी, सीबीआई और एनसीबी) ने अपनी ताकत झोंक दी। नेपोटिज्म, मनी लॉन्डरिंग, हत्या और ड्रग्स कनेक्शन तक के एंगल सामने आए। इसके साथ ही एक अभिनेता की मौत पूरे बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई। ड्रग्स पैडलर गिरफ्तार हो रहे हैं और बॉलीवुड सेलेब्स के ड्रग्स टेस्ट की मांग उठ रही है। सुशांत की मौत का मामला किन मोड़ों से गुजरा, डालते हैं उस पर एक नजर:-

मुंबई पुलिस डेढ़ महीने तक बयान दर्ज करती रही

14 जून को सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने किराए के अपार्टमेंट में मृत पाए गए। मुंबई पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचते ही इसे आत्महत्या बता दिया। जबकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।

इसी बीच कंगना रनोट ने नेपोटिज्म का राग छेड़कर मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने के एंगल से जोड़ दिया। उन्होंने फिल्ममेकर करन जौहर को नेपोटिज्म फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया तो सोशल मीडिया पर एक मुहिम सी छिड़ गई।

कंगना रनोट ने 14 जून को यह आरोप लगाकर सनसनी फैला दी कि सुशांत की सुसाइड के पीछे करन जौहर और उनकी नेपोटिस्ट गैंग है। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि सुशांत ने उन लोगों को जीत दिलवा दी, जो भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देते हैं। फिल्म माफिया हैं और खेमेबाजी में यकीन रखते हैं।

करन के साथ-साथ आदित्य चोपड़ा, संजय लीला भंसाली, महेश भट्ट जैसे दिग्गजों को ट्रोल किया जाने लगा। इनके साथ स्टार किड्स के बायकॉट की मांग उठने लगी।

आनन-फानन में मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए ही पूछताछ शुरू कर दी। सुशांत के हाउस स्टाफ नीरज, केशव, सैमुअल मिरांडा से लेकर उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती, फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली, महेश भट्ट, आदित्य चोपड़ा और फिल्म क्रिटिक राजीव मसंद समेत 50 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए।

हालांकि, इस दौरान न तो पैसे के एंगल को देखा गया, न क्राइम सीन को लॉक किया गया और न ही इस बात पर विचार किया गया कि अगर सुसाइड नोट नहीं मिला तो यह मामला कुछ और भी हो सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि मुंबई पुलिस ने खुद भी सुशांत की डेड बॉडी को पंखे से लटका नहीं देखा था। बावजूद इसके उन्होंने इसे आत्महत्या मान लिया और अंधेरे में तीर चलाना शुरू कर दिया। यहां तक कि सुशांत के फोन को भी फोरेंसिक जांच के लिए घटना के 24 दिन बाद भेजा था।

28 जुलाई से बिहार पुलिस एक्टिव हुई

25 जुलाई को सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई और रिया चक्रवर्ती पर बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया। यह आरोप भी लगाया कि रिया, उनके पिता इंद्रजीत, मां, संध्या, भाई शोविक, सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी और हाउस मैनेजर रहे सैमुअल मिरांडा ने सुशांत के खाते से 15 करोड़ रुपए की हेराफेरी की।

हालांकि, इस एफआईआर की जानकारी 28 जुलाई को तब सामने आई, जब पटना पुलिस की एक एसआईटी जांच के लिए मुंबई पहुंच गई। इसके बाद मुंबई पुलिस ने पूछताछ बंद कर दी। खुद को मुख्य आरोपी बनते देख रिया गायब हो गईं। उन्होंने आनन-फानन में वकील सतीश मानशिंदे के जरिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले को पटना से मुंबई शिफ्ट कराने की अपील की।

केके सिंह ने 26 अगस्त को एक न्यूज चैनल को यह बयान दिया था।

इस दौरान बड़ा ड्रामा हुआ। मुंबई पुलिस पर पटना पुलिस को सहयोग न देने और रिया को मदद करने के आरोप लगे। जांच के लिए मुंबई पहुंचे पटना सिटी एसपी विनय तिवारी को जबरन क्वारैंटाइन कर दिया गया। इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की तो महाराष्ट्र सरकार भी खुलकर सामने आ गई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नीतीश की इस सिफारिश की निंदा की और उनके साथ-साथ मुंबई पुलिस पर सवाल उठाने वालों पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया। सभी पक्षों को सुनने के बाद 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।

मामले से ऐसे जुड़ा आदित्य ठाकरे का नाम

मामले में आदित्य ठाकरे का नाम घसीटा गया। भाजपा नेता नारायण राणे ने एक बयान देकर राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया। उन्होंने दावा किया कि सुशांत की मौत से एक रात पहले 13 जून को अभिनेता डिनो मोरिया ने सुशांत सिंह राजपूत और कुछ राजनेताओं के लिए पार्टी रखी थी।

उनके मुताबिक, यह पार्टी पहले मोरिया के घर में हुई और फिर सुशांत के घर में। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पार्टी में एक नेता पुत्र शामिल हुए थे, जो महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं। उनका इशारा उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे की ओर था।

आदित्य ठाकरे ने अपने बयान में कहा था कि इस मामले में सड़क छाप राजनीति हो रही है। उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था।

आदित्य ने पूरे विवाद पर बयान जारी किया था और कहा था कि वे बालासाहब ठाकरे के पोते हैं, ऐसा कोई काम नहीं कर सकते, जिससे परिवार की छवि खराब हो। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर गंदी राजनीति करने और सुशांत की मौत का फायदा राजनीतिक लाभ के लिए उठाने का आरोप लगाया था।

रिया के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस

31 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिया चक्रवर्ती, उनके पिता इंद्रजीत, मां संध्या, भाई शोविक, सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी और हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया था। पूछताछ में रिया ने सुशांत के खाते से पैसे निकालने के आरोप को मनगढ़ंत और गलत बताया।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिया या उनके फैमिली मेंबर्स ने सुशांत के पैसों का गबन किया था। लेकिन पिछले दिनों फोन क्लोनिंग से यह खुलासा जरूर हुआ था कि रिया चक्रवर्ती ने सैमुअल मिरांडा (सुशांत का हाउस मैनेजर) की मदद से सुशांत के डेबिट कार्ड के पिन हासिल कर लिए थे। मामले की जांच अभी जारी है।

ईडी की जांच में खुला ड्रग्स कनेक्शन का राज

26 अगस्त को नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रिया चक्रवर्ती व अन्य के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया। दरअसल, पिछले दिनों ईडी ने रिया चक्रवर्ती के दो फोन को क्लोन करके उससे डिलीट डाटा रिकवर किया था। इसका खुलासा एक ऐसे लेटर में हुआ, जो ईडी का आधिकारिक डॉक्यूमेंट बताया जा रहा था। क्लोनिंग के बाद रिया के चैट के रिकॉर्ड सामने आए और उसमें ड्रग्स कनेक्शन का खुलासा हुआ।

रिया ने एक एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था- दुर्भाग्य से किसी के गुजर जाने के बाद हमें उसके दोष के बारे में बात करनी पड़ रही है। जी हां , सुशांत मारिजुआना का नशा करते थे। रेगुलरली पीते थे। मुझे मिलने से पहले से पीते थे। मैं उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश करती थी। लेकिन वे अपनी पसंद की जिंदगी जीना चाहते थे।

ईडी टीम ने यह डाटा सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से भी शेयर किया था। एनसीबी ने ड्रग पैडलर अब्दुल बासित परिहार और जैद विलात्रा को गिरफ्तार कर लिया है। अब्दुल का कनेक्शन रिया के सहयोगी सैमुअल मिरांडा के साथ बताया जा रहा है, जो एक्ट्रेस के भाई शोविक के इशारे पर काम कर रहा था।

जैद से यह पता चला है कि वह अब्दुल बासित परिहार और सूर्यदीप मल्होत्रा के संपर्क में था। ये दोनों शोविक के संपर्क में थे। इससे पहले 27 और 28 अगस्त को ड्रग डीलर अब्बास लखानी और करण अरोड़ा की गिरफ्तारी हुई थी। दोनों के पास से गांजा भी बरामद हुआ था।

इस बीच कई नेता और सोशल मीडिया यूजर्स बॉलीवुड सेलेब्स के ड्रग टेस्ट की मांग उठा रहे हैं। एक्ट्रेस कंगना रनोट खुलकर रणबीर कपूर, रणवीर सिंह और विकी कौशल से ड्रग टेस्ट कराने की अपील कर चुकी हैं। उन्होंने यह दावा भी किया है कि अगर उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन मिले तो वे बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन को उजागर करने में एनसीबी की मदद कर सकती हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Sushant Singh Rajput Death Case: Here Is The Whole Story From Starting To The End


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3gYINCG
via LATEST SARKRI JOBS

0 Response to "खुदकुशी की थ्योरी से शुरू हुआ मामला अब फिर वहीं पहुंचा, लेकिन एक अभिनेता की मौत बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई"

Post a comment

coronavirus

Iklan Atas Artikel

Iklan Tengah Artikel 1

Iklan Tengah Artikel 2

Iklan Bawah Artikel